परिचय:
भारत में गेहूँ की कृषि पारंपरिक रूप से भारत के उत्तरी क्षेत्र में प्रमुखता से हो रही है। भारत में पंजाब और हरियाणा के मैदानी इलाकों के उत्तरी राज्य गेहूँ के उत्पादक रहे हैं। जबकि इस अनाज घास का अतीत में सावधानीपूर्वक अध्ययन किया गया है, भारत की बेहतरीन वैज्ञानिक प्रतिभा द्वारा हाल के वर्षों में किए गए श्रमसाध्य शोध ने ड्यूरम गेहूँ की विशिष्ट रूप से बेहतर किस्मों के विकास के साथ भुगतान किया है।
यह कठोर गेहूँ चिकनी मिट्टी में उगाया जाता है और इसकी भौतिक विशेषताओं के कारण इसकी अत्यधिक मांग है। इसकी उच्च ग्लूटेन शक्ति और एकसमान सुनहरा रंग इसे नरम व्यावसायिक रूप से उच्च उपज वाले गेहूँ के विपरीत ब्रेड बनाने और पास्ता बनाने के लिए आदर्श बनाता है, जिसमें ड्यूरम की शक्ति और स्थिरता का अभाव होता है। आज, भारत सभी प्रकार के गेहूँ का पर्याप्त मात्रा में निर्यात कर रहा है और आने वाले वर्षों में इसके अनाज और अनाज उत्पादन में सुधार के लिए व्यापक शोध प्रयास चल रहे हैं।
किस्में: भारत में उगाई जाने वाली गेहूं की मुख्य किस्में इस प्रकार हैं: वीएल-832, वीएल-804, एचएस-365, एचएस-240, एचडी2687, डब्ल्यूएच-147, डब्ल्यूएच-542, पीबीडब्ल्यू-343, डब्ल्यूएच-896(डी), पीडीडब्ल्यू-233(डी), यूपी-2338, पीबीडब्ल्यू-502, श्रेष्ठ (एचडी 2687), आदित्य (एचडी 2781), एचडब्ल्यू-2044, एचडब्ल्यू-1085, एनपी-200(डीआई), एचडब्ल्यू-741।
उत्पादन क्षेत्र: भारत में गेहूं उगाने वाले प्रमुख राज्य उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, बिहार और गुजरात हैं।
भारत का उत्पादन: वर्ष 2024-25 में गेहूं का उत्पादन 117.95 मिलियन टन अनुमानित है।
प्रमुख निर्यात गंतव्य (2024-25): संयुक्त अरब अमीरात, नेपाल, इराक, कोरिया गणराज्य एवं सूरीनाम।











