बासमती चावल

परिचय:

“बासमती” लंबे दाने वाला सुगंधित चावल है, जिसकी कृषि भारतीय उपमहाद्वीप में हिमालय की तलहटी के विशिष्ट भौगोलिक क्षेत्र में सदियों से की जाती रही है, अपने अतिरिक्त लंबे, पतले दानों के लिए जाना जाता है जो पकने पर अपने मूल आकार से कम से कम दोगुने तक बढ़ जाते हैं, बासमती चावल एक विशिष्ट नरम और फूली हुई बनावट, स्वादिष्ट स्वाद, बेहतरीन सुगंध और एक अलग स्वाद प्रदान करता है जो इसे अन्य सुगंधित लंबे दाने वाले चावल की किस्मों से अलग करता है।

विशिष्ट भौगोलिक क्षेत्र की कृषि-जलवायु संबंधी परिस्थितियों के साथ-साथ कटाई, प्रसंस्करण एवं परिपक्वन की विधियों के कारण बासमती चावल को ये विशिष्ट गुण प्राप्त होते हैं। अपनी अनोखे विशेषताओं के कारण यह “सुगंधित मोती” सामान्य भोजन को भी स्वादिष्ट व्यंजन में परिवर्तित करने की क्षमता रखता है।

उत्पादन क्षेत्र:

भारत में बासमती चावल उत्पादन के क्षेत्र बीईडीएफ के सर्वेक्षण रिपोर्ट 2024-25 के अनुसार पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश एवं दिल्ली हैं। भारत विश्व बाजार में बासमती चावल का प्रमुख निर्यातक देश है। वर्ष 2024-25 के दौरान देश ने विश्व को 60,65,483.45 मीट्रिक टन बासमती चावल का निर्यात किया जिसका मूल्य रु. 50312.01 करोड़ / 5944.42 अमेरिकी डॉलर मिलियन रहा। एपीडा ने विदेशी व्यापार समझौते के दिशा-निर्देशों के अनुसार भारत के बासमती चावल सदस्य निर्यातकों हेतु 43,262 पंजीकरण सह आवंटन प्रमाणपत्र (आरसीएसी) जारी किए।


प्रमुख निर्यात गंतव्य (2024-25) : सऊदी अरब, इराक, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात और यमन गणराज।

रिपोर्ट एवं अन्य
नव जारी बासमती किस्मों का विवरण
[Date: 2025-03-12 | Size: 326.2 KB | Format: pdf | Language: English] Download