भेड़ और बकरी का मांस

बकरी – भेड़ भारत में पशुधन की एक बहुत ही महत्वपूर्ण प्रजाति है, इसका मुख्य कारण उनकी कम पीढ़ी के अंतराल, प्रजनन की उच्च दर और बकरियों के साथ-साथ उनके उत्पादों को बाजार में बेचने में होने वाली आसानी है। ग्रामीण क्षेत्रों और वहां के लोगों के विकास में उनके योगदान को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

उत्पादन के क्षेत्र:

भेड़ों की जनसंख्या (% हिस्सेदारी): तेलंगाना (25.7%), आंध्र प्रदेश (23.7%), कर्नाटक (14.9%) राजस्थान (10.6%) तमिलनाडु (6.1%)।
बकरियों की जनसंख्या (% हिस्सेदारी): राजस्थान (14.0%), पश्चिम बंगाल (10.9%), उत्तर प्रदेश (9.7%), बिहार (8.6%), मध्य प्रदेश (7.5%)। (स्रोत: 20वीं पशुधन जनगणना-2019, डीएएचडी)

भारत के तथ्य और आंकड़े:

भारत ने वर्ष 2024-25 के दौरान दुनिया को भेड़ और बकरी का मांस निर्यात किया है, जैसा कि नीचे दी गई तालिका में है।

 वित्त वर्ष 2025 में निर्यात मात्रा (मीट्रिक टन)वित्त वर्ष 2025 में निर्यात (मिलियन अमेरिकी डॉलर)
भेड़ और बकरी का मांस11581.0784.94

प्रमुख निर्यात गंतव्य (2024-25): संयुक्त अरब अमीरात, कतर, कुवैत, बहरीन और ओमान। (स्त्रोत: वाणिज्‍यिक जानकारी एवं सांख्‍यिकी महानिदेशालय (डीजीसीआईएस))