
परिचय:
भारतीय श्री अन्न (मिलेट्स) में ज्वार (सोरगम), बाजरा (पर्ल मिलेट), रागी (फिंगर मिलेट) और छोटे मिलेट्स जैसे सावाँ (बार्नयार्ड मिलेट), चेना (प्रोसो मिलेट), कोदो (कोदो मिलेट), कुट्टू (बकव्हीट), चौलाई (अमरंथस) और कंगनी (फॉक्सटेल मिलेट) शामिल हैं। श्री अन्न (मिलेट्स) आवश्यक पोषक तत्वों का उत्कृष्ट स्रोत है; इन्हें ‘पौष्टिक अनाज’ भी कहा जाता है। भारतीय श्री अन्न (मिलेट्स) पोषण के मामले में गेहूं और चावल से बेहतर है क्योंकि ये प्रोटीन, विटामिन और खनिजों से भरपूर होते हैं। ये ग्लूटेन-मुक्त भी होते हैं और इनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जो इन्हें सीलिएक रोग या मधुमेह वाले लोगों के लिए आदर्श बनाता है।
उत्पादन:
2024-25 में श्री अन्न/पौष्टिक अनाज का उत्पादन 18.59 मिलियन टन होने का अनुमान है। (डीए&एफडब्ल्यू का अंतिम अनुमान)
उत्पादन क्षेत्र:
भारत में 2024-25 में श्री अन्न/पौष्टिक अनाज (मिलेट्स) का उत्पादन करने वाले प्रमुख राज्य हैं - राजस्थान (29.86%), महाराष्ट्र (13.62%), कर्नाटक (12.91%), उत्तर प्रदेश (12.67%), गुजरात (7.25%), हरियाणा (6.92%), मध्य प्रदेश (5.87%), तमिलनाडु (4.34%), आंध्र प्रदेश (2.25%) और तेलंगाना (2.11%)।
निर्यात:
2025-26 के दौरान, भारत से श्री अन्न(मिलेट्स) का निर्यात 138.69 हज़ार मीट्रिक टन रहा, जिसका मूल्य 543.40 करोड़ रुपये / 61.57 मिलियन अमेरिकी डॉलर था।
प्रमुख निर्यात गंतव्य (2025-26): संयुक्त अरब अमीरात(22.4%), सऊदी अरब (12.7%), नेपाल (7.8%), यूएसए (6.7%), और मोरक्को (3.8%)।
स्रोत: DGCIS











