श्री अन्न (मिलेट्स)

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परिचय:

श्री अन्न (मिलेट्स) आवश्यक पोषक तत्वों का उत्कृष्ट स्रोत है; इन्हें ‘पौष्टिक अनाज’ भी कहा जाता है। भारतीय श्री अन्न (मिलेट्स) पोषण के मामले में गेहूं और चावल से बेहतर है क्योंकि ये प्रोटीन, विटामिन और खनिजों से भरपूर होते हैं। ये ग्लूटेन-मुक्त भी होते हैं और इनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जो इन्हें सीलिएक रोग या मधुमेह वाले लोगों के लिए आदर्श बनाता है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा श्री अन्न (मिलेट्स) उत्पादक है, जिसकी हिस्सेदारी दुनिया के उत्पादन में 42.75% है (खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ), 2023)।

उत्पादन:

वित्त वर्ष 2025 में भारत में श्री अन्न (मिलेट्स) उत्पादन में ज्वार (सोरगम), बाजरा (पर्ल मिलेट), रागी (फिंगर मिलेट), सावाँ (बार्नयार्ड मिलेट), चेना (प्रोसो मिलेट), कोदो (कोदो मिलेट), कुट्टू (बकव्हीट), चौलाई (अमरंथस) और कंगनी (फॉक्सटेल मिलेट) शामिल हैं। विभिन्न राज्यों में राजस्थान सबसे बड़ा उत्पादक है, जिसके बाद उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और महाराष्ट्र का स्थान आता है।

क्षेत्र:

सभी राज्यों में, श्री अन्न (मिलेट्स) की कृषि के अंतर्गत सबसे बड़ा क्षेत्र राजस्थान में है, उसके बाद राजस्थान, महाराष्ट्र, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, गुजरात, हरियाणा, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और उत्तराखंड का स्थान आता है। 2024-25 (तीसरा अग्रिम अनुमान) के दौरान भारत में श्री अन्न (मिलेट्स) के अंतर्गत कुल क्षेत्रफल इस प्रकार है:

उत्पादवित्त वर्ष 2025 में उत्पादन (मिलियन मीट्रिक टन)वित्त वर्ष 2025 में कृषि के अंतर्गत क्षेत्रफल (मिलियन हेक्टेयर)
श्री अन्न (मिलेट्स)18.0112.86
स्रोत: कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय (एमओए एंड एफडब्ल्यू)

निर्यात:

श्री अन्न (मिलेट्स) का निर्यात यूएई, सऊदी अरब, नेपाल, यूएसए, जर्मनी, लीबिया और बांग्लादेश आदि को किया जाता है। भारतीय श्री अन्न (मिलेट्स) के निर्यात की प्राप्ति इस प्रकार थी:

उत्पादवित्त वर्ष 2025 में निर्यात की मात्रा (लाख मीट्रिक टन)वित्त वर्ष 2025 में निर्यात किया गया (मिलियन अमरीकी डॉलर)
श्री अन्न (मिलेट्स)1.2159.2
स्त्रोत: वाणिज्‍यिक जानकारी एवं सांख्‍यिकी महानिदेशालय (डीजीसीआईएस)