प्रसंस्कृत खाद्य


Flori

भारत का खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र उत्पादन, वृद्धि, खपत और निर्यात की दृष्टि से सबसे बड़ा क्षेत्र है। भारत के खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में फल और सब्जियां, मसाले, मांस और पोल्ट्री, दूध और दूध उत्पाद, मदिरा, मत्स्य उद्योग, वृक्षारोपण अनाज प्रसंस्करण और उपभोक्ता उत्पाद समूह जैसे मिष्ठान्न, चाकलेट और कोको उत्पाद, सोया आधारित उत्पाद, मिनरल जल, उच्च प्रोटीन खाद्य आदि शामिल हैं। अगस्त 1991 में उदारीकरण से लेकर खाद्य और कृषि-प्रसंस्करण क्षेत्र के विभिन्न क्षेत्र के संबंध में परियोजना लगाने के लिए प्रस्ताव प्राप्त हुए है। इसके अलावा, सरकार ने निवेश को ध्यान में रखते हुए संयुक्त उपक़्रम, विदेशी सहयोग, औद्योगिक लाइसेंस और 100 % निर्यात उन्मुख इकाईयों के प्रस्ताव स्वीकृत किए हैं। इसमें 10,000 करोड़ रुपए से अधिक का विदेशी निवेश शामिल है।


वर्ष 2020-21 के दौरान भारत का प्रसंस्कृत खाद्य निर्यात 36,946.20 करोड़/ 4,987.76 मिलियन अमरीकी डॉलर था, जिसमें आम का गूदा (714.41 करोड़ / 96.43 मिलियन अमरीकी डॉलर), प्रसंस्कृत सब्जियां (3718.65 रुपए/ 501.56 मिलियन अमरीकी डॉलर), खीरा एवं ककड़ी (सूखी एवं संरक्षित) (1651.83 रुपए/ 223.05 मिलियन अमरीकी डॉलर), प्रसंस्कृत फल, जूस और मेवे (3173.42 रुपए/ 428.39 मिलियन अमरीकी डॉलर), दालें (2,116.69 रुपए/ 284.26 मिलियन अमरीकी डॉलर), मूंगफली (5,381.61 रुपए/ 727.40 मिलियन अमरीकी डॉलर), ग्वारगम (1949.07 रुपए/ 262.99 मिलियन अमरीकी डॉलर), गुड़ एवं कंफेक्शनरी (2659.57 रुपए/ 358.88 मिलियन अमरीकी डॉलर), कोको उत्पाद (1108.38 रुपए/ 149.78 मिलियन अमरीकी डॉलर), अनाज निर्मित उत्पाद (4705.81 रुपए/ 635.75 मिलियन अमरीकी डॉलर), मादक पेय (2386.91 रुपए/ 322.12 मिलियन अमरीकी डॉलर), विविध निर्मित उत्पाद (5866.44 रुपए/ 793.08 मिलियन अमरीकी डॉलर) और मिल के उत्पाद (1513.44 रुपए/ 204.03 मिलियन अमरीकी डॉलर)।

भारतीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मुख्यतः निर्यात उन्मुख है। भारत की भौगोलिक स्थिति इसे यूरोप, मध्य एशिया, जापान, सिंगापुर, थाइलैण्ड, मलेशिया और कोरिया से सम्पर्क की अद्वितीय सुविधा प्रदान करती है। इसका एक उदाहरण भारत की स्थिति की वजह से भारत और खाड़ी क्षेत्र के मध्य कृषि प्रसंस्कृत खाद्य के व्यापार की मात्रा है।


विश्व अर्थव्यवस्था (7 ट्रिलियन यूएसडी) में खुदरा व्यापार एक सबसे बड़ा क्षेत्र है जो कि भारत में परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग की गैर प्रतिस्पर्धात्मकता की एक मुख्य वजह विपणन प्रणाली की लागत और गुणवत्ता है। विश्व में 72 प्रतिशत से अधिक खाद्य की बिक़्री सुपर स्टोर्स के माध्यम से होती है। भारत में काफी संभावनाएं हैं और एक बड़े खुदरा व्यापार परिवर्तन के लिए अनुकूल स्थिति है। भारत में संगठित खुदरा क्षेत्र छोटा होने के साथ सभी विश्व बाजारों में भारत काफी संभावना से भरा है और सभी विश्व बाजारों से कम प्रतिस्पर्धी भी है।

 
ककड़ी और खीरा(संरक्षित और तैयार)
Flori रूपरेखा
निर्यात
प्रसंस्कृत सब्जियां
Flori रूपरेखा
निर्यात
आम का गूदा
Mango_Pulp रूपरेखा
निर्यात
 
प्रसंस्कृत फल, जूस और मेवेः
Other_Processed_fruits_and_vegetables.htm रूपरेखा
निर्यात
दालें
Pulses रूपरेखा
निर्यात
मूंगफली
Groundnut रूपरेखा
निर्यात
 
गुड़ और कन्फेक्शनरी
Jaggery_and_Confectionary रूपरेखा
निर्यात
ग्वार गम
Gurgum रूपरेखा
निर्यात
  रेडी रेकनर
  पैकिंग विनिर्देश
कोको उत्पाद
CocoaProducts रूपरेखा
निर्यात
 
अनाज से निर्मित उत्पाद
Cereal Preparations.htm रूपरेखा
निर्यात
मादक पेय और गैर-मादक पेय
Alocholic_and_Non_Alocholic_Beverages रूपरेखा
निर्यात
विविध निर्मित उत्पाद
Miscellaneous Preparations रूपरेखा
निर्यात
 
मिल के उत्पाद
Milled Products रूपरेखा
निर्यात